150 ग्राम से अधिक भारी लेदर की ठोस गेंद जब 140-150 किमी/घंटे की गति से उड़ती है, तो वह किसी गोली से कम नहीं होती। 1970 के दशक तक सुनील गावस्कर और विवियन रिचर्ड्स जैसे दिग्गज बिना हेलमेट केवल टोपी पहनकर वेस्टइंडीज के खूंखार गेंदबाजों का सामना करते थे। लेकिन आज क्रिकेट में सुरक्षा उपकरण जान बचाने के लिए अनिवार्य हैं।
क्रिकेट के आवश्यक सुरक्षा उपकरण
- क्रिकेट हेलमेट और स्टेमगार्ड (StemGuard): टाइटेनियम या कार्बन फाइबर ग्रिल वाला हेलमेट। 2014 में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फिलिप ह्यूज की गर्दन पर बाउंसर लगने से हुई दुखद मृत्यु के बाद गर्दन के पिछले हिस्से को बचाने के लिए 'स्टेमगार्ड' लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
- लेग पैड्स (Batting Pads): घुटनों और पिंडली की हड्डियों को फ्रैक्चर से बचाने के लिए उच्च घनत्व वाले फोम (HDF) और बेंत (Cane) से बने पैड्स।
- एब्डोमिनल गार्ड / एल-गार्ड (L-Guard / Box): ग्रोइन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण उपकरण।
- चेस्ट गार्ड और थाई पैड (Chest & Thigh Guard): पसलियों और जांघों को तेज बाउंसर और अंदर आती गेंदों की चोट से बचाते हैं।
- बैटिंग ग्लव्स (Batting Gloves): उंगलियों की हड्डियों को टूटने से बचाने के लिए थर्मोप्लास्टिक पॉलीयूरेथेन (TPU) इंसर्ट्स वाले दस्ताने।
सुरक्षा मानक: BS 7928:2013
आईसीसी के आधुनिक नियमों के अनुसार सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को ब्रिटिश स्टैंडर्ड BS 7928:2013 प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है, जिसमें ग्रिल और पीक के बीच से गेंद के आर-पार जाने की गुंजाइश शून्य होती है।