मैदान पर सफेद कोट या नीली टी-शर्ट पहनकर दोनों टीमों के 22 खिलाड़ियों के खेल को निष्पक्ष रूप से संचालित करने वाले अंपायर का पद अत्यंत सम्मानित और जिम्मेदारी भरा होता है। यदि आप क्रिकेट से प्यार करते हैं लेकिन खिलाड़ी नहीं बन सके, तो क्रिकेट अंपायरिंग एक शानदार, प्रतिष्ठित और मोटी कमाई वाला अंतरराष्ट्रीय करियर विकल्प है।
अंपायर बनने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
स्टेप 1: स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में रजिस्ट्रेशन
अपने राज्य के राज्य क्रिकेट संघ (जैसे DDCA, MCA, CAB, UPCA आदि) के अंपायरिंग विंग में खुद को रजिस्टर करें। राज्य संघ नए अंपायरों के लिए प्रारंभिक परीक्षा और प्रैक्टिकल सेमिनार आयोजित करते हैं।
स्टेप 2: स्थानीय और क्लब मैचों में अनुभव
राज्य संघ की स्थानीय लीग, स्कूल टूर्नामेंट और क्लब मैचों में कम से कम 2-3 साल तक अंपायरिंग करके ऑन-फील्ड अनुभव और मैच रिपोर्ट तैयार करें।
स्टेप 3: बीसीसीआई लेवल-1 अंपायरिंग परीक्षा
- राज्य संघ अपने सर्वश्रेष्ठ अंपायरों को बीसीसीआई की लेवल-1 सर्टिफिकेशन परीक्षा के लिए नामित करता है।
- इस परीक्षा में एमसीसी के 42 नियमों का लिखित टेस्ट (Written Exam), प्रैक्टिकल सिमुलेशन और वाइवा (Viva) होता है।
- पास होने पर आप बीसीसीआई के घरेलू मैचों (अंडर-19, अंडर-23, महिला क्रिकेट) में अंपायरिंग के पात्र हो जाते हैं।
स्टेप 4: बीसीसीआई लेवल-2 परीक्षा और रणजी पैनल
घरेलू मैचों में शीर्ष रेटिंग मिलने पर लेवल-2 परीक्षा होती है। इसे पास करने वाले अंपायर बीसीसीआई के नेशनल पैनल में शामिल होकर रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे और आईपीएल में अंपायरिंग करते हैं।
स्टेप 5: आईसीसी इंटरनेशनल और एलीट पैनल
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अंपायरों को बीसीसीआई आईसीसी के इंटरनेशनल पैनल के लिए भेजती है (जैसे नितिन मेनन)। वहाँ बेहतरीन फैसले देने पर दुनिया के टॉप-12 अंपायरों के आईसीसी एलीट पैनल (ICC Elite Panel) में प्रवेश मिलता है।
अंपायर की कमाई और मैच फीस
- बीसीसीआई घरेलू मैच: लगभग ₹20,000 से ₹40,000 प्रतिदिन।
- आईपीएल मैच: लगभग ₹3 लाख से ₹5 लाख प्रति मैच + स्पॉन्सरशिप इंसेंटिव।
- आईसीसी टेस्ट मैच: लगभग $3,000 (₹2.5 लाख) प्रति टेस्ट + वार्षिक रिटेनर फीस (लगभग ₹60 लाख से ₹1 करोड़ सालाना)।