किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के संन्यास के बाद मिलने वाला सबसे बड़ा वैश्विक सम्मान आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम (ICC Cricket Hall of Fame) में शामिल होना है। 2009 में आईसीसी के शताब्दी वर्ष में शुरू किया गया यह सम्मान खेल के इतिहास को आकार देने वाले महानतम खिलाड़ियों को दिया जाता है।
हॉल ऑफ फेम में शामिल होने की पात्रता (Eligibility Criteria)
- खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए हुए कम से कम 5 वर्ष पूरे हो चुके होने चाहिए।
- खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बेमिसाल होना चाहिए और उसने खेल पर अमिट छाप छोड़ी हो।
- चयन एक स्वतंत्र वोटिंग अकादमी द्वारा किया जाता है जिसमें मौजूदा हॉल ऑफ फेमर्स, मीडिया विशेषज्ञ और वरिष्ठ आईसीसी अधिकारी शामिल होते हैं।
ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल भारतीय दिग्गज
- बिशन सिंह बेदी (2009): भारत की प्रसिद्ध स्पिन चौकड़ी के सिरमौर और बाएं हाथ के कलात्मक स्पिनर।
- कपिल देव (2009): भारत को 1983 में पहला विश्व कप जिताने वाले महानतम ऑलराउंडर।
- सुनील गावस्कर (2009): टेस्ट में 10,000 रन और 34 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज।
- अनिल कुंबले (2015): टेस्ट में 619 विकेट लेने वाले भारत के सबसे सफल गेंदबाज।
- राहुल द्रविड़ (2018): 'द वॉल' के नाम से मशहूर, टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने वाले बल्लेबाज।
- सचिन तेंदुलकर (2019): 100 शतकों और 34,357 रनों के महानायक।
- वीनू मांकड़ (2021): भारत के महान ऑलराउंडर।
- डायना एडुल्जी (2023): हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर।
- वीरेंद्र सहवाग (2023): टेस्ट क्रिकेट की दिशा बदलने वाले दो तिहरे शतकवीर ओपनर।