क्रिकेट में सबसे ज्यादा चर्चा और विवाद का विषय बनने वाला नियम LBW (Leg Before Wicket) है। मैच देखते समय आपने अक्सर टीवी स्क्रीन पर 'Pitching in Line', 'Impact in Line' और 'Wickets Hitting' देखा होगा। लेकिन इसका वास्तविक मतलब क्या होता है?
LBW क्या है? (What is LBW?)
LBW का सीधा मतलब है कि अगर बल्लेबाज का शरीर (आमतौर पर पैड) रास्ते में न होता, तो गेंद सीधे स्टंप पर जाकर टकराती। बल्लेबाज को केवल अपने बल्ले से विकेट बचाने का अधिकार है, अपने शरीर या पैड से नहीं।
LBW आउट देने की 4 मुख्य शर्तें (The 4 Conditions)
अंपायर किसी भी बल्लेबाज को तभी LBW आउट दे सकता है जब निम्नलिखित शर्तें पूरी हों:
- गेंद लीगल होनी चाहिए: गेंद नो-बॉल नहीं होनी चाहिए। नो-बॉल पर कभी LBW नहीं दिया जा सकता।
- पिचिंग (Pitching): गेंद या तो ऑफ-स्टंप और लेग-स्टंप की सीध (In Line) में टप्पा खाए, या फिर ऑफ-स्टंप के बाहर (Outside Off) टप्पा खाए। याद रखें: अगर गेंद लेग-स्टंप के बाहर (Outside Leg) टप्पा खाती है, तो बल्लेबाज कभी LBW आउट नहीं हो सकता!
- इम्पैक्ट (Impact): गेंद बल्लेबाज के पैड पर स्टंप्स की लाइन में टकराए। अगर बल्लेबाज शॉट खेल रहा है और इम्पैक्ट ऑफ-स्टंप के बाहर है, तो वह नॉट आउट रहेगा। लेकिन अगर बल्लेबाज ने कोई शॉट खेलने की कोशिश नहीं की (No Shot Offered), तो ऑफ-स्टंप के बाहर इम्पैक्ट होने पर भी आउट दिया जा सकता है।
- विकेट्स हिटिंग (Wickets Hitting): गेंद का प्रक्षेपवक्र (Trajectory) ऐसा होना चाहिए कि वह स्टंप्स से टकराती।
हॉक-आई (Hawk-Eye) और बॉल ट्रैकिंग तकनीक
डीआरएस (DRS) के दौरान कंप्यूटर तकनीक 6 हाई-स्पीड कैमरों की मदद से गेंद के कोण, गति और उछाल को मापकर प्रेडिक्टिव पाथ तैयार करती है। यदि गेंद का 50% से अधिक हिस्सा स्टंप से टकराता दिखे, तो कंप्यूटर उसे 'Hitting' मानता है।