क्रिकेट में जब कोई गेंदबाज गेंद फेंकने से पहले ही नॉन-स्ट्राइकर छोर पर खड़े बल्लेबाज को क्रीज से बाहर निकलने पर रन आउट कर देता है, तो इसे बोलचाल की भाषा में 'मांकडिंग' (Mankading) कहा जाता है। वर्षों तक इसे 'खेल भावना के विपरीत' कहकर बदनाम किया गया, लेकिन अब आईसीसी ने इसे आधिकारिक तौर पर सामान्य रन-आउट का दर्जा दे दिया है।
मांकडिंग नाम क्यों पड़ा? (History of the Term)
1947 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर महान भारतीय ऑलराउंडर वीनू मांकड़ (Vinoo Mankad) ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बिल ब्राउन को दो बार चेतावनी देने के बाद गेंद फेंकने से पहले क्रीज छोड़ने पर रन आउट कर दिया था। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने इसे 'मांकडिंग' नाम दिया, हालांकि महान डॉन ब्रैडमैन ने वीनू मांकड़ के इस फैसले का पूरा समर्थन किया था।
आईसीसी और एमसीसी का आधिकारिक नियम (Law 38.3)
अक्टूबर 2022 में मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने इसे कानून संख्या 41 (अनुचित खेल - Unfair Play) से हटाकर सीधे कानून संख्या 38 (रन आउट - Run Out) के तहत स्थानांतरित कर दिया।
- नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज गेंद फेंके जाने से पहले क्रीज छोड़कर रन चुराने का अनुचित लाभ (Unfair Advantage) नहीं ले सकता।
- यदि गेंदबाज के हाथ से सामान्य रिलीज पॉइंट तक पहुंचने से पहले बल्लेबाज क्रीज छोड़ देता है, तो गेंदबाज उसे रन आउट करने का पूर्ण कानूनी हकदार है।
- गेंदबाज के लिए बल्लेबाज को पहले से चेतावनी (Warning) देना अनिवार्य नहीं है।
रविचंद्रन अश्विन और दीप्ति शर्मा का प्रभाव
आईपीएल 2019 में आर. अश्विन ने जोस बटलर को इस तरह रन आउट किया, जिसने दुनिया भर में बड़ी बहस छेड़ दी। इसके बाद भारतीय महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा ने इंग्लैंड की चार्ली डीन को लॉर्ड्स के मैदान पर रन आउट करके मैच जिताया था, जिसने इस नियम को खेल जगत में सामान्य मान्यता दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।