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Fixed और Floating Interest Rate में अंतर - कौन सा बेहतर है?

Hindilish टीम 30 Aug 2026 अपडेट: 26 Sep 2026 5 मिनट पढ़ें 20,475
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Fixed और Floating Interest Rate में अंतर - कौन सा बेहतर है?

लोन लेते समय फिक्स्ड या फ्लोटिंग में से सही विकल्प चुनना आपके लाखों रुपये बचा सकता है।

विषय सूची

लोन लेते समय बैंक आपसे पूछते हैं कि आप Fixed Rate चाहते हैं या Floating Rate। दोनों के अपने नफा-नुकसान हैं।

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फिक्स्ड ब्याज दर (Fixed Interest Rate) क्या है?

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इसमें लोन की पूरी अवधि के दौरान ब्याज दर एक जैसी रहती है। बाजार में ब्याज दरें बढ़ें या घटें, आपकी EMI नहीं बदलती। यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो निश्चित बजट पसंद करते हैं।

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फ्लोटिंग ब्याज दर (Floating Interest Rate) क्या है?

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यह RBI के रेपो रेट और बेंचमार्क से जुड़ा होता है। जब रिजर्व बैंक रेपो रेट घटाता है तो आपकी ब्याज दर कम हो जाती है, और जब रेपो रेट बढ़ता है तो आपकी दर बढ़ जाती है।

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तुलना: कौन सा विकल्प बेहतर है?

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  • होम लोन के लिए: हमेशा Floating Rate बेहतर माना जाता है क्योंकि लंबी अवधि (15-20 वर्ष) में ब्याज दरें औसतन नीचे आती हैं और कोई प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लगता।
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  • कार लोन या पर्सनल लोन के लिए: अक्सर फिक्स्ड रेट ही मिलता है जो छोटी अवधि के लिए सुरक्षित होता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या फ्लोटिंग रेट लोन पर प्रीपेमेंट पेनल्टी लगती है?
RBI के नियमानुसार इंडिविजुअल बॉरोअर्स के फ्लोटिंग रेट होम लोन पर कोई फोरक्लोजर या प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लिया जा सकता।

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