औसतन एक भारतीय रोजाना 5 से 7 घंटे मोबाइल स्क्रीन पर बिताता है। सोशल मीडिया की अंतहीन स्क्रॉलिंग हमारे डोपामिन लेवल को असंतुलित कर रही है, जिससे फोकस कम हो रहा है और बेचैनी बढ़ रही है।
1. फोन को बेडरूम से बाहर चार्ज करें
सुबह उठते ही सबसे पहले फोन देखना दिन की शुरुआत को तनावपूर्ण बना देता है। पुराने जमाने की अलार्म घड़ी का इस्तेमाल करें।
2. ग्रे-स्केल मोड (Grayscale Mode) चालू करें
फोन को ब्लैक एंड व्हाइट (Grayscale) करने से ऐप्स के आकर्षक रंग खत्म हो जाते हैं, जिससे दिमाग का रील्स और गेम खेलने का आकर्षण 50% घट जाता है।
यह भी पढ़ें: स्क्रीन छोड़कर रोजाना टहलने के फायदे