भारतीय घरों में सदियों से चोट लगने या कमजोरी होने पर हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk) पीने की सलाह दी जाती है। पश्चिमी दुनिया अब इसे 'गोल्डन मिल्क' के नाम से सुपर ड्रिंक मान रही है। हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन (Curcumin) शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है।
1. जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में राहत
हल्दी प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम करती है। यह आर्थराइटिस, घुटनों के दर्द और वर्कआउट के बाद की थकान को दूर करती है।
2. गहरी नींद और तनाव मुक्ति
गर्म दूध में ट्रिप्टोफैन अमीनो एसिड होता है जो हल्दी के साथ मिलकर सेरोटोनिन को बढ़ावा देता है और अनिद्रा को दूर करता है।
बनाने की सही विधि
1 गिलास दूध में आधा चम्मच शुद्ध हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च पाउडर जरूर डालें। काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन शरीर में हल्दी के अवशोषण (Absorption) को 2000% तक बढ़ा देता है!