मुख्य सामग्री पर जाएं

एफडी कैलकुलेटर (Fixed Deposit ब्याज और मैच्योरिटी कैलकुलेटर)

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कैलकुलेटर: अपने निवेश पर मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी राशि की तुरंत गणना करें। SBI, HDFC, ICICI, पोस्ट ऑफिस एफडी दरों और सीनियर सिटीजन ब्याज की तुलना करें।

₹1,000 से ₹2,00,000 तक एफडी मासिक ब्याज और ब्याज दर चार्ट (Popular FD Amounts)

₹1,000 एफडी मासिक ब्याज ₹2,000 एफडी मासिक ब्याज ₹3,000 एफडी मासिक ब्याज ₹4,000 एफडी मासिक ब्याज ₹5,000 एफडी मासिक ब्याज ₹6,000 एफडी मासिक ब्याज ₹7,000 एफडी मासिक ब्याज ₹8,000 एफडी मासिक ब्याज ₹9,000 एफडी मासिक ब्याज ₹10,000 एफडी मासिक ब्याज ₹15,000 एफडी मासिक ब्याज ₹20,000 एफडी मासिक ब्याज ₹25,000 एफडी मासिक ब्याज ₹30,000 एफडी मासिक ब्याज ₹35,000 एफडी मासिक ब्याज ₹40,000 एफडी मासिक ब्याज ₹45,000 एफडी मासिक ब्याज ₹50,000 एफडी मासिक ब्याज ₹55,000 एफडी मासिक ब्याज ₹60,000 एफडी मासिक ब्याज ₹65,000 एफडी मासिक ब्याज ₹70,000 एफडी मासिक ब्याज ₹75,000 एफडी मासिक ब्याज ₹80,000 एफडी मासिक ब्याज ₹85,000 एफडी मासिक ब्याज ₹90,000 एफडी मासिक ब्याज ₹95,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,00,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,10,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,20,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,30,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,40,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,50,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,60,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,70,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,80,000 एफडी मासिक ब्याज ₹1,90,000 एफडी मासिक ब्याज ₹2,00,000 एफडी मासिक ब्याज

कैसे उपयोग करें

1

जमा राशि (Principal) चुनें

फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश की जाने वाली कुल राशि दर्ज करें या दिए गए ₹50 हजार, ₹1 लाख, ₹5 लाख या ₹10 लाख बटन पर क्लिक करें।

2

ब्याज दर व अवधि सेट करें

अपने बैंक की वार्षिक ब्याज दर (% p.a.) और निवेश की अवधि (वर्ष और महीने) डालें। सीनियर सिटीजन होने पर चेकबॉक्स टिक करें (+0.50% बोनस)।

3

मैच्योरिटी व ब्याज जानें

कैलकुलेटर तुरंत चक्रवृद्धि ब्याज (Quarterly Compounding) का हिसाब लगाकर कुल मैच्योरिटी राशि और सालाना ग्रोथ चार्ट प्रदर्शित करेगा।

⚡ Quick Answer (AEO / Formula) Compound Interest Standard

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) ब्याज और मैच्योरिटी राशि की गणना कैसे होती है?

भारतीय बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज की गणना त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) नियम से की जाती है। इसका सूत्र है: A = P × (1 + r / (n × 100))^(n × t), जहाँ P = मूलधन, r = वार्षिक ब्याज दर, n = वर्ष में कम्पाउंडिंग की संख्या (त्रैमासिक के लिए 4), और t = वर्षों में समय।

उदाहरण: यदि आप ₹1,00,000 को 7.1% वार्षिक ब्याज पर 3 वर्ष के लिए जमा करते हैं, तो परिपक्वता (Maturity) पर आपको ₹1,23,508 मिलेंगे, जिसमें ₹23,508 शुद्ध ब्याज होगा।

कम्पाउंडिंग: त्रैमासिक (हर 3 माह)
वरिष्ठ नागरिक लाभ: +0.50% से +0.75%
TDS सीमा (General): ₹40,000 / वर्ष
TDS सीमा (Senior): ₹50,000 (80TTB)

🏦 भारत के शीर्ष बैंकों की FD ब्याज दरें (2026 तुलना तालिका)

1 वर्ष से 3 वर्ष की अवधि के लिए प्रमुख बैंकों और पोस्ट ऑफिस की प्रचलित ब्याज दरें निम्नलिखित हैं:

बैंक / वित्तीय संस्थान सामान्य नागरिक ब्याज दर (% p.a.) वरिष्ठ नागरिक ब्याज दर (% p.a.) विशेषता
State Bank of India (SBI) 6.80% - 7.10% 7.30% - 7.60% अमृत कलश (400 दिन) स्पेशल स्कीम
HDFC Bank 7.00% - 7.25% 7.50% - 7.75% Senior Citizen Care FD लाभ
ICICI Bank 7.00% - 7.20% 7.50% - 7.75% Golden Years FD स्कीम
Post Office Time Deposit (POTD) 6.90% - 7.50% 7.50% (समान) 100% संप्रभु सुरक्षा (Sovereign Guarantee)
Bajaj Finance (Corporate FD) 7.80% - 8.25% 8.05% - 8.50% CRISIL AAA और ICRA AAA हाई रेटिंग

क्या बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट पूरी तरह सुरक्षित है? (DICGC ₹5 लाख सुरक्षा)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधीन आने वाली DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) के नियमों के तहत, प्रत्येक अनुसूचित बैंक (Commercial & Small Finance Banks) में प्रत्येक जमाकर्ता की ₹5,00,000 (मूलधन + ब्याज) तक की राशि 100% बीमित (Insured) होती है। इसका अर्थ है कि यदि बैंक दिवालिया भी हो जाता है, तो आपको ₹5 लाख तक का भुगतान सरकार द्वारा सुनिश्चित रूप से किया जाएगा।

FAQ

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज का क्या फायदा है?
भारतीय बैंकों में हर 3 महीने (Quarter) के बाद अर्जित ब्याज को मूलधन में जोड़ दिया जाता है। अगले 3 महीनों में उस बढ़े हुए मूलधन पर नया ब्याज मिलता है। इसे चक्रवृद्धि (Compounding) कहते हैं, जिससे साधारण ब्याज (Simple Interest) की तुलना में मैच्योरिटी पर काफी अधिक रिटर्न मिलता है।
सीनियर सिटीजन्स को फिक्स्ड डिपॉजिट पर कितना अतिरिक्त ब्याज मिलता है?
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को लगभग सभी भारतीय बैंक और वित्तीय संस्थान सामान्य दरों से 0.50% से लेकर 0.75% तक अधिक ब्याज देते हैं। कुछ बैंक 80 वर्ष से अधिक के अति-वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) को 0.80% तक अधिक ब्याज प्रदान करते हैं।
FD से मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस (TDS) कब और कितना कटता है?
यदि एक वित्तीय वर्ष में सभी एफडी से मिलने वाला कुल ब्याज सामान्य नागरिकों के लिए ₹40,000 से अधिक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होता है, तो बैंक 10% की दर से TDS काटता है (पैन कार्ड न होने पर 20%)।
फॉर्म 15G और 15H क्या है और टीडीएस कटने से कैसे बचाएं?
यदि आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स छूट सीमा (Tax Exemption Limit) से कम है और आपकी कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती, तो आप वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक को Form 15G (60 साल से कम) या Form 15H (60 साल या अधिक) जमा कर सकते हैं। इसके बाद बैंक आपकी FD पर कोई TDS नहीं काटेगा।
क्या 5 साल की टैक्स सेवर एफडी में बीच में पैसे निकाल सकते हैं?
नहीं। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट (₹1.5 लाख तक) पाने वाली टैक्स सेवर एफडी में 5 साल का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड (Lock-in Period) होता है। इसे 5 साल पूरे होने से पहले तोड़ा या निकाला नहीं जा सकता और न ही इस पर लोन लिया जा सकता है।
क्युमुलेटिव और नॉन-क्युमुलेटिव एफडी में क्या अंतर है?
क्युमुलेटिव (Cumulative) एफडी में ब्याज हर तिमाही जुड़ता रहता है और पूरा पैसा मैच्योरिटी पर एकमुश्त मिलता है, जो अधिकतम धन वृद्धि के लिए बेस्ट है। नॉन-क्युमुलेटिव (Non-Cumulative) एफडी में ब्याज मासिक, त्रैमासिक या छमाही आधार पर सीधे आपके बैंक खाते में भेजा जाता है, जो नियमित पेंशन जैसी आय चाहने वालों के लिए उपयुक्त है।